Friday, August 18, 2017

इन 4 तरीकों से चोरी हो रही है यूजर्स की जानकारी - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

इन 4 तरीकों से चोरी हो रही है यूजर्स की जानकारी - सौरभ कुमार श्रीवास्तव 

सरकार ने 21 मोबाइल निर्माता कंपनियों को नोटिस जारी किया था। ऐसा इसलिए किया गया था कि क्योंकि कुछ मुख्य कंपनियों के स्तर पर यूजर्स की निजी जानकारी (मैसेज, लोकेशन और कॉन्टैक्ट लिस्ट आदि) चोरी होने की आशंका जताई जा रही थी। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि इन जानकारियों को दूसरी कंपनियों को बेचा भी जा सकता है। सरकार ने जिन कंपनियों को नोटिस भेजा है कि उनमें चीन की मोबाइल निर्माता कंपनी वीवो, ओप्पो, शाओमी और जियोनी शामिल हैं। आपको बता दें कि यूजर्स की जानकारी चार तरीकों से चोरी की जा रही है। इस पोस्ट में हम आपको इन्हीं तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं।
इन चार तरीकों से चोरी हो रही जानकारी - 
मैसेज: यूजर्स की काफी जानकारी व्हाट्सएप से इकट्ठा की जाती है। इन जानकारियों का इस्तेमाल हैकर्स गलत तरीके से भी कर सकते हैं। इससे यूजर्स की प्राइवेसी को खतरा हो सकता है।
लोकेशन: कई यूजर्स के फोन में लोकेशन हमेशा ऑन रहती है। ऐसे में हैकर्स के हाथ अगर आपकी लोकेशन की जानकारी लग जाए तो किडनैपिंग जैसे हालात भी बन सकते हैं।
कॉन्टैक्ट लिस्ट: फोन की कॉन्टैक्ट लिस्ट के डाटा को टेलीकॉलर्स या विज्ञापन कंपनियों को बेचा जाता है। इससे यूजर्स को ब्लैकमेलिंग का सामना भी करना पड़ सकता है।
फोटो: यूजर्स के फोन में कई निजी फोटोज भी सेव रहती हैं। ऐसे में अगर यह फोटोज हैकर्स के हाथ लग जाती हैं तो उनका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। यह ब्लैकमेलिंग का बड़ा जरिया बन सकता है।
इन कंपनियों को जारी किया गया नोटिस - 
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से जिन 21 मोबाइल निर्माता कंपनियों को नोटिस भेजा गया है उनमें चाइनीज कंपनियों के अलावा एप्पल, सैमसंग और माइक्रोमैक्स जैसी कंपनियां भी शामिल हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी कि कंपनियों को सभी सुरक्षा संबंधी शर्तों का अनुपालन करने के लिए 28 अगस्त तक का समय दिया गया है। इसके बाद सुरक्षा संबंधी नियमों का अनुपालन हुआ या नहीं यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार की ओर से ऑडिट किया जा सकता है। अधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि अगर इस ऑडिट में कंपनियां नियमों का उल्लघंन करती पाई गईं तो उन पर पेनल्टी लगाई जाएगी।
सुरक्षा के लिए यह 3 कदम उठाने जरुरी - 
सेंट्रल रजिस्ट्री एजेंसी बनाई जानी आवश्यक है जिसके तहत अगर किसी का फोन चोरी हो गया है या खो गया है तो उसका डाटा पुलिस के लिया जा सके।
यूजर्स का डाटा क्लाउड पर भी सेव रहता है। ऐसे में इसकी सुरक्षा के लिए भी कानून बनाए जाने आवश्यक हैं। इसकी सिफारिश ट्राई ने की है।
टेलिकॉम पॉलिसी में डाटा सिक्योरिटी पर विशेष ध्यान देने की जरुरत है।
सरकार ने की 6 महीने तक जांच - 
मोबाइल कंपनियों को नोटिस भेजने से पहले सरकार ने करीब 6 महीने तक जांच की है। खबरों की मानें तो चीन के अलावा डाटा चुराने का शक अमेरिकी कंपनियों पर भी है। इस मामले पर भारत ने जांच शुरु कर दी है। साथ ही स्मार्टफोन के डाटा को सुरक्षित रखने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। देखा जाए तो सभी मोबाइल कंपनियों के सर्वर देश के बाहर हैं। ऐसे में भारत के पास इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि वहां डाटा सिक्योरिटी के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, भारत वहां की व्यवस्था का पता लगाने की कोशिश कर रहा है जिससे डाटा सिक्योरिटी को लेकर सतर्कता बरती जा सके।
सरकार यह कार्रवाई केवल स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों पर कर रही है। क्योंकि ऑपरेटर या सर्विस प्रोवाइडर का डाटा लीक से सीधा लिंक नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि ऑपरेटर केवल कॉलिंग और मैसेज कारता है। और सारा डाटा स्मार्टफोन में ही सेव होता है। ऐसे में डाटा लीक होने की जिम्मेदारी मोबाइल कंपनियों की ही होगी। मोबाइल कंपनी अपने एग्रीमेंट के तहत ही यह चीजें देती हैं।

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Saurabh Kumar Shrivastav

Author & Editor

Saurabh is a professional Web Designer and Developer and has aptly designed, coded, and modified visually impressive and user friendly websites. He is also a proficient Front End Developer having sound knowledge and practical expertise of HTML, CSS, and JavaScript. In addition, he is an SEO Expert and has ranked and maintained the rank of several keywords in Google.

 
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